भारत में दिल की बीमारियों (Heart Diseases) से हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है। इसमें हार्ट अटैक आने के मामले सबसे अधिक देखने को मिलते हैं। अनहेल्दी लाइफस्टाइल और तेल युक्त खाना युवाओं में भी दिल की समस्या पैदा कर रहा है। यदि इस बीमारी को समय रहते पहचान लिया जाए तो जान बच सकती है।
3 साल पहले पता लगेगा हार्ट अटैक आएगा या नहीं

वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक गजब की खोज की है। इस नई तकनीक के चलते आपको करीब 3 साल पहले ही पता चल जाएगा कि आपको हार्ट अटैक (Heart Attack) आने का रिस्क कितना अधिक है। दरअसल इसकी जानकारी एक खास टेस्ट से मिल जाएगी। इस नए टेस्ट की वजह से बीमारियों से होने वाली मौतों में काफी हद तक कमी आएगी।
ऐसे पता चलेगा हार्ट अटैक का कितना है रिस्क
वैज्ञानिकों ने हार्ट अटैक (Heart Attack) के पुराने मरीजो के सी-रिएक्टिव प्रोटीन का टेस्ट किया। इसमें उन्हें इंफ्लेमेशन का पता लगा। वहीं ट्रोपोनिन का स्टैंडर्ड टेस्ट भी किया गया। ट्रोपोनिन (Troponin) एक खास प्रोटीन होता है जो दिल के डैमेज होने पर खून में से निकलता है।
