सलमान खान 55 साल के हो गए हैं। लीड एक्टर के तौर पर उनकी पहली फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ (1989) थी, जिसने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया था। लेकिन यह सुपरहिट फिल्म देने और सुपरस्टार्स की कतार में खड़े होने के बावजूद सलमान को करीब 8 महीने तक कोई काम नहीं मिला था।
पिता सलीम ने बनाई थी रणनीति
जसीम खान की बुक ‘बीइंग सलमान’ के मुताबिक, जब सलमान खान को 6-8 महीने तक काम नहीं मिला तब उनके पिता सलीम खान ने एक रणनीति बनाई। सलमान ने एक इंटरव्यू में कहा था, “मेरे पिता ने जीपी दत्ता से अपील की कि भले ही वे मेरे साथ फिल्म न बनाएं, लेकिन यह घोषणा कर दें कि उन्होंने मुझे फिल्म में साइन किया है। इससे मेरी मार्केट वैल्यू बनी रहेगी। मैंने वह समय देखा है, जब सुपरस्टार बुलाए जाने के बावजूद मैं बेकार बैठा था।”
दूसरी हिट के बाद 6 गुना बढ़ी फीस

पत्रकार विश्वदीप की बुक ‘हॉल ऑफ फेम : सलमान खान’ के मुताबिक, सलमान की दूसरी बड़ी हिट फिल्म ‘सनम बेवफा’ (1991) के बाद उनकी फीस 6 गुना बढ़ गई थी। इस बुक में फिल्म के डायरेक्टर सावन कुमार टाक के हवाले से लिखा है, “मैंने उनसे पूछा कि वे मेरी फिल्म ‘चांद का टुकड़ा’ (1994) के लिए कितनी फीस लेंगे। सलमान ने कहा जो आपने मुझे ‘सनम बेवफा’ के लिए ऑफर की थी, उससे 6 गुना। मैं तुरंत उनकी मांग पर सहमत हो गया। दूसरे डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स ने भी उन्हें इसी बढ़ी हुई रकम पर साइन किया था।”
